
8th Pay Commission को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस विषय पर अटकलें लगातार तेज़ होती जा रही हैं। इस बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक 23 अप्रैल 2025 को होने जा रही है। इस बैठक को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी मांगों पर चर्चा की जा सकती है।
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क्या है 8th Pay Commission और क्यों है यह चर्चा में?
8th Pay Commission यानी 8वां वेतन आयोग, केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वेतन और भत्तों की समीक्षा के लिए गठित किया जाने वाला आयोग है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। अब, लगभग एक दशक बाद कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार 8वें वेतन आयोग की घोषणा करेगी, जिससे उनकी सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों में वृद्धि हो सके।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक से क्या हैं उम्मीदें?
NC-JCM की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक 23 अप्रैल 2025 को निर्धारित की गई है। इस बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस मंच पर 8th Pay Commission की स्थापना की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैठक में सरकार की ओर से कोई ठोस घोषणा की जाएगी या नहीं, लेकिन यह बैठक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की जल्द घोषणा की जाए। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई दर और जीवन यापन की लागत को देखते हुए वर्तमान वेतन संरचना में संशोधन की आवश्यकता है।
इसके अलावा कुछ कर्मचारी संगठन यह भी मांग कर रहे हैं कि अगला वेतन आयोग समयबद्ध हो और हर 10 साल में वेतन की समीक्षा स्वचालित रूप से हो।
अब तक क्या रहा है वेतन आयोगों का इतिहास?
भारत में अब तक कुल 7 वेतन आयोग गठित किए जा चुके हैं। प्रत्येक आयोग का कार्यकाल लगभग 10 वर्षों का रहा है और इन्हीं की सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बदलाव किया गया है। 7th Pay Commission की रिपोर्ट को 2015 में सौंपा गया था और इसे 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया।
अब जब 7वें वेतन आयोग को लागू हुए 9 वर्ष होने को हैं, तो स्वाभाविक है कि 8वें वेतन आयोग (8th CPC) की घोषणा को लेकर उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं।
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क्या है सरकार का अब तक का रुख?
सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि 8th Pay Commission को लेकर कोई योजना है या नहीं। हालांकि, विभिन्न मंचों पर कर्मचारी यूनियनें इस मांग को लगातार उठा रही हैं और राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को समर्थन मिल रहा है।
क्या होगा अगर 8th Pay Commission की घोषणा नहीं हुई?
अगर सरकार 8वें वेतन आयोग की घोषणा नहीं करती है, तो यह लाखों केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए निराशाजनक हो सकता है। इससे न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा, बल्कि उनके मनोबल पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अलावा चुनावी वर्ष होने की संभावना के चलते, सरकार पर यह दबाव भी बढ़ सकता है कि वह कर्मचारियों की आर्थिक मांगों पर विचार करे।
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आने वाले समय में क्या हो सकता है बदलाव?
23 अप्रैल 2025 को होने वाली NC-JCM की बैठक इस दिशा में अगला बड़ा संकेत दे सकती है। यदि इस बैठक में 8th Pay Commission को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो संभव है कि सरकार जल्द ही इस विषय पर कोई कदम उठाए।
वर्तमान में केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख से अधिक कर्मचारी और 65 लाख पेंशनधारक वेतन आयोग से संबंधित किसी नई घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के किसी भी निर्णय का व्यापक प्रभाव पड़ेगा।