
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज 17 मार्च को दोपहर में बतौर वित्तमंत्री बजट 2025-26 पेश करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष का बजट 2 लाख करोड़ रुपए या उससे अधिक का हो सकता है।
इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं समेत कई बड़े मुद्दों पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा। खासकर प्रदेश के कर्मचारियों को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
संभावना जताई जा रही है कि इस बजट में ग्रुप-सी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से बढ़ाकर 60 साल और फोर्थ क्लास कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल की जा सकती है। साथ ही विधायकों के टीए-डीए (यात्रा और दैनिक भत्ता) में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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हिमाचल प्रदेश बजट 2025: कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी संभव
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी आज अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगे। इस बजट में पर्यटन, युवाओं, महिलाओं समेत कई वर्गों को सौगात मिलने की संभावना है।
बजट में कर्मचारियों और पेंशनर्स को लेकर कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 4% डीए (Dearness Allowance) बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा लंबित एरियर, चिकित्सा भत्ता वृद्धि, सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 साल करने, अनुबंध कर्मियों को वर्ष में 2 बार नियमित करने, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
हिमाचल में लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मिड-डे मील वर्कर, पंचायत चौकीदार, मल्टी टास्क वर्कर, पंप ऑपरेटर, वाटर कैरियर और पंचायती राज व स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
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मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश में 10 लाख से अधिक मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। संभावना है कि इस बजट में उनकी दैनिक मजदूरी के साथ-साथ न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का ऐलान किया जा सकता है।
कर्मचारी महासंघ और पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने रखी मांगें
हाल ही में प्रदेश के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। महासंघ की प्रमुख मांगों में डीए, लंबित एरियर, चिकित्सा भत्ता, सेवानिवृत्ति आयु में बढ़ोतरी, अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मियों का वेतनमान आदि शामिल हैं।
पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी अपनी मांगों को लेकर सरकार से मुलाकात की। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश में 1 जनवरी 2016 से 2021 तक के पेंशनर्स को सेवानिवृत्ति के बाद एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। करीब 1.90 लाख पेंशनर्स डीए और एरियर की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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राज्य में कर्मचारियों और पेंशनर्स की मौजूदा स्थिति
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में ढाई लाख के करीब नियमित कर्मचारी हैं, जबकि पेंशनर्स की संख्या डेढ़ लाख के करीब है। ऐसे में बजट से सभी को बड़ी उम्मीदें हैं।