तारबंदी योजना में नई राहत – अब छोटे और सीमांत किसान भी पा सकेंगे अनुदान, आवेदन की प्रक्रिया जानें

राजस्थान के छोटे किसानों के लिए आई बड़ी राहत! अब सिर्फ 0.5 हेक्टेयर ज़मीन पर भी खेत की तारबंदी के लिए मिलेगा भारी अनुदान। राज्य सरकार ने बदली योजना की गाइडलाइन, जिससे अब सीमांत किसान भी अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचा सकेंगे। जानें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेज – पूरी जानकारी सिर्फ यहीं

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Written byRohit Kumar

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तारबंदी योजना में नई राहत – अब छोटे और सीमांत किसान भी पा सकेंगे अनुदान, आवेदन की प्रक्रिया जानें
तारबंदी योजना में नई राहत – अब छोटे और सीमांत किसान भी पा सकेंगे अनुदान, आवेदन की प्रक्रिया जानें

राजस्थान सरकार ने किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तारबंदी योजना (Tarbandi Yojana) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस योजना के तहत अब छोटे किसान भी इस सब्सिडी योजना का लाभ उठा सकेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाना है। नए दिशा-निर्देशों के तहत पात्रता की शर्तों को लचीला बनाया गया है जिससे अब ज्यादा किसान योजना में शामिल हो सकेंगे।

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राजस्थान सरकार की यह पहल किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। तारबंदी योजना में पात्रता की सीमा घटाने से अधिक संख्या में किसान इसका लाभ ले सकेंगे। यदि आप भी खेती करते हैं और आपकी जमीन 0.5 हेक्टेयर या उससे अधिक है, तो तुरंत आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और अपने खेत को सुरक्षित बनाएं।

अब सिर्फ 0.5 हेक्टेयर भूमि पर भी मिलेगी तारबंदी सब्सिडी

इससे पहले इस योजना के लिए किसानों के पास कम से कम 6 बीघा भूमि (लगभग 1.5 हेक्टेयर) होना आवश्यक था, लेकिन अब इस क्राइटेरिया को घटाकर 0.5 हेक्टेयर या 2 बीघा कर दिया गया है। यह बदलाव छोटे और सीमांत किसानों के लिए राहत भरा साबित होगा। अब वे भी अपने खेत की सुरक्षा के लिए सरकारी मदद से तारबंदी करवा सकते हैं।

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60 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान

तारबंदी योजना के तहत पात्र किसानों को तारबंदी लागत पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी राज्य योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (National Food Security & Nutrition Mission), न्यूट्रीसीरियल, दलहन, गेहूं, मोटा अनाज और नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-तिलहन (60:40) के तहत प्रदान की जा रही है।

किस-किस को मिलेगा योजना का लाभ

राज्य सरकार के अनुसार, यह योजना सभी श्रेणी के किसानों के लिए उपलब्ध है। इसमें तीन श्रेणियों में आवेदन की व्यवस्था की गई है:

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व्यक्तिगत किसान के लिए पात्रता:

  • एक ही स्थान पर कम से कम 0.5 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए।

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कृषक समूह के लिए पात्रता:

  • कम से कम 2 किसान समूह में शामिल हों।
  • कुल मिलाकर समूह की जमीन कम से कम 0.5 हेक्टेयर होनी चाहिए।
  • समूह की सीमाएं एक निर्धारित पेरिफेरी (परिधि) में होनी चाहिए।

सामुदायिक तारबंदी के लिए पात्रता:

  • कम से कम 10 किसान समूह में शामिल हों।
  • कुल भूमि न्यूनतम 5 हेक्टेयर होनी चाहिए।
  • सभी भूमि एक निर्धारित पेरिफेरी में होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम

इस योजना के लिए आवेदन करना बेहद आसान है। किसान नीचे दिए गए विकल्पों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:

  • ऑनलाइन आवेदन: https://rajkisan.rajasthan.gov.in पर जाकर।
  • ऑफलाइन आवेदन: अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय में जाकर।
  • ई-मित्र केंद्र: नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) सेंटर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को आवेदन की रसीद भी ऑनलाइन ही प्राप्त होगी।

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आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न करने होंगे:

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card)
  • जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card)
  • जमाबंदी की नकल (6 माह से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए)
  • बैंक खाता विवरण

योजना का उद्देश्य और लाभ

राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखा जाए। इससे किसानों की पैदावार सुरक्षित रहेगी और उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। इसके अलावा, छोटे किसानों को भी अब सरकार की योजनाओं में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

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