
वक्फ संपत्ति (Waqf Property) एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि लोकसभा में पारित होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक अब राज्यसभा से भी पारित हो चुका है। इस बीच आम जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर वक्फ संपत्तियां कितनी हैं, उनकी वर्तमान अनुमानित कीमत क्या है और उनका कानूनी व सामाजिक महत्व क्या है।
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भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या और क्षेत्रफल तो बहुत अधिक है, लेकिन उनके सही उपयोग, संरक्षण और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं। वामसी पोर्टल और नए संशोधन इन संपत्तियों को सुव्यवस्थित करने की दिशा में कदम हो सकते हैं, लेकिन उनके सफल क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और निगरानी आवश्यक होगी।
भारत में वक्फ संपत्तियों की स्थिति
भारत में वक्फ संपत्तियां धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। मुस्लिम समुदाय द्वारा दी गई ये संपत्तियां मस्जिदों, कब्रिस्तानों, मदरसों, दरगाहों और अन्य धर्मार्थ गतिविधियों के लिए उपयोग की जाती हैं। समय के साथ इन संपत्तियों पर अतिक्रमण, अवैध कब्जे, और सरकारी हस्तक्षेप के मामले भी सामने आते रहे हैं।
कुल वक्फ भूमि का क्षेत्रफल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वक्फ बोर्ड के पास देशभर में लगभग 9.4 लाख एकड़ भूमि दर्ज है। इस प्रकार भूमि स्वामित्व की दृष्टि से वक्फ बोर्ड भारत में तीसरे स्थान पर आता है, रक्षा मंत्रालय (17.95 लाख एकड़) और भारतीय रेलवे (12 लाख एकड़) के बाद।
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गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में एक बयान में कहा था कि 1913 से 2013 तक वक्फ भूमि 18 लाख एकड़ थी, जबकि 2013 से 2025 के बीच यह 21 लाख एकड़ और बढ़ गई। इसका मतलब है कि कुल वक्फ भूमि अब करीब 39 लाख एकड़ तक पहुंच गई है।
राज्यों में वक्फ संपत्तियों का वितरण
वक्फ संपत्तियां लगभग हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में मौजूद हैं। सबसे अधिक वक्फ भूमि मध्य प्रदेश (6.79 लाख एकड़), तमिलनाडु (6.55 लाख एकड़), और कर्नाटक (5.96 लाख एकड़) में है। वहीं, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां हैं — सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड मिलाकर 2,32,547 संपत्तियां।
वक्फ संपत्ति का प्रकार और उपयोग
वक्फ संपत्तियों का उपयोग विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए होता है। वामसी पोर्टल के अनुसार,
- लगभग 1.5 लाख संपत्तियां कब्रिस्तानों के लिए
- 1.19 लाख मस्जिदों के लिए
- 1.13 लाख व्यवसायिक उपयोग की संपत्तियां
- 92,000 मकान
- 1.4 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि
- 17,000 इमामबाड़े और आशूरखाने
- 14,000 मदरसों के नाम पर
- 34,000 मज़ार और दरगाह के नाम पर दर्ज हैं
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डिजिटल रिकॉर्ड और वामसी पोर्टल
2009 में यूपीए सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड के लिए वामसी पोर्टल (WAMSI Portal) की शुरुआत की थी। यह पोर्टल आज भी देशभर की वक्फ संपत्तियों का सबसे बड़ा डिजिटल डाटाबेस है।
वामसी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार:
- कुल अचल संपत्तियां: 8,72,805
- चल संपत्तियां: 16,716
- कुल वक्फ संपत्तियों का 97% सिर्फ 15 राज्यों में
- 58,890 संपत्तियां अतिक्रमण की शिकार
- 4.36 लाख संपत्तियों की जानकारी उपलब्ध नहीं
- 13,000 संपत्तियां कानूनी विवादों में
- केवल 39% संपत्तियां विवाद रहित
वक्फ संपत्तियों पर विवाद और अतिक्रमण
देशभर में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे, अवैध लीज़ और उपयोग को लेकर विवाद जारी हैं। दिल्ली में ही केंद्र सरकार के नियंत्रण में गईं 123 वक्फ संपत्तियां वर्षों बाद वक्फ बोर्ड को लौटाई गई थीं। लेकिन यह मामला अब भी विवादों में घिरा है।
गृह मंत्री के अनुसार, पहले 20,000 संपत्तियां लीज़ पर थीं, लेकिन 2025 तक इनका आंकड़ा शून्य हो गया क्योंकि ये संपत्तियां बेच दी गईं। इससे वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट और वक्फ संशोधन विधेयक
वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला जा सकता है। संविधान में नागरिकों के मूल अधिकार, संपत्ति के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है। ऐसे में यदि किसी वर्ग को यह लगता है कि यह विधेयक असंवैधानिक है, तो वह न्यायालय में चुनौती दे सकता है।