डेरा ब्यास सत्संग की तारीख में बदलाव, संगत को करना होगा इंतजार

मार्च में डेरा ब्यास में उमड़ी रिकॉर्डतोड़ भीड़ ने सभी को चौंका दिया, अब मई में फिर से होने जा रहे हैं तीन बड़े सत्संग। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के प्रवचन, 10,000 सेवाकर्मियों की तैयारियां और संगत की भारी उमंग—जानिए कौन सी तारीखें हैं खास और इस बार क्या होगा अलग

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Written byRohit Kumar

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डेरा ब्यास सत्संग की तारीख में बदलाव, संगत को करना होगा इंतजार
डेरा ब्यास सत्संग की तारीख में बदलाव, संगत को करना होगा इंतजार

राधा स्वामी डेरा ब्यास (Radha Soami Dera Beas) से जुड़ी संगत के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। हाल ही में मार्च के आखिरी रविवार को आयोजित भंडारे में देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालु डेरा ब्यास पहुंचे, जिससे सत्संग पंडाल छोटा पड़ गया और पार्किंग के अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए। इस ऐतिहासिक उपस्थिति के बाद अब मई महीने के सत्संग कार्यक्रम (Satsang Schedule) की घोषणा कर दी गई है।

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राधा स्वामी डेरा ब्यास की संगत के लिए मई महीने के सत्संग विशेष महत्व रखते हैं। मार्च के भंडारे की अपार सफलता और संगत की विशाल उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डेरा ब्यास में होने वाले आध्यात्मिक आयोजन लगातार व्यापक बनते जा रहे हैं। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के प्रवचनों और सेवाकर्मियों की सेवा भावना से संगत को एक नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है।

मई में तीन रविवार को होंगे भव्य सत्संग, संगत में उत्साह

राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार, मई 2025 में तीन रविवारों को सत्संग आयोजित किए जाएंगे। यह सत्संग 4 मई, 11 मई और 18 मई को ब्यास स्थित मुख्य डेरा में होंगे। इन सत्संगों का नेतृत्व बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों (Baba Gurinder Singh Dhillon) करेंगे। संगत पहले से ही इन आयोजनों के लिए तैयारी में जुट गई है और पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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मार्च में रिकॉर्ड तोड़ भीड़, पंडाल और पार्किंग दोनों हुए फुल

गत रविवार को मार्च के अंतिम भंडारे के अवसर पर ब्यास में जो भीड़ उमड़ी, उसने पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। अनुमान के अनुसार, करीब 10 लाख श्रद्धालु डेरा ब्यास पहुंचे। सत्संग पंडाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के सामने छोटा पड़ गया, जबकि पार्किंग स्थल पहली बार पूरी तरह भर गए। कई वाहनों को अस्थायी रूप से मुख्य पार्किंग के बाहर पार्क करना पड़ा।

सेवाकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका, हर व्यवस्था रही सुचारू

सत्संग के सफल आयोजन के पीछे डेरा ब्यास के 10,000 से अधिक सेवाकर्मियों (Volunteers) की मेहनत और समर्पण रहा। इन सेवाकर्मियों ने ट्रैफिक, लंगर, कैंटीन, भोजन भंडारण, सफाई, शौचालय व्यवस्था और अन्य सभी जरूरी इंतजामों को बेहद कुशलतापूर्वक संभाला। वहीं ब्यास रेलवे स्टेशन पर भी डेरा ब्यास के स्टेशन सेवकों ने ट्रेनों से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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सत्संग में बानी की व्याख्या और आत्मिक प्रेरणा

रविवार को आयोजित सत्संग में बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने संगत को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया। मंच पर हजूर जसदीप सिंह गिल भी उपस्थित रहे। सत्संग के दौरान ‘धुन सुन कर मन समझाईं’ जैसे शब्दों की व्याख्या करते हुए संगत को यह संदेश दिया गया कि बिना नाम शब्द की कमाई के मनुष्य अपने कर्मों से मुक्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि चाहे लाख प्रयत्न क्यों न किए जाएं, बिना आत्मिक साधना के मोक्ष संभव नहीं।

ब्यास में मई के सत्संग को लेकर जोर-शोर से तैयारियां

मार्च के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, अब मई में होने वाले तीन बड़े सत्संग के लिए तैयारियों को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन, रेलवे और स्थानीय संगत मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। डेरा ब्यास में लंगर व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने की जगह, पार्किंग और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।

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डेरा ब्यास की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही

राधा स्वामी सत्संग ब्यास पिछले कुछ दशकों में एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में यह डेरा न सिर्फ पंजाब बल्कि देश और विदेशों में भी लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र बन गया है। यहां पर होने वाले सत्संगों में हर आयु वर्ग के लोग आते हैं और शांति, प्रेम व आत्मिक ज्ञान प्राप्त करते हैं।

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