
सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल-BSNL लगातार अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य है कि वह पूरे देश में 4G नेटवर्क को जल्द से जल्द रोलआउट करे और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 5G नेटवर्क की टेस्टिंग और विस्तार भी शुरू कर दे। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, BSNL ने देश के कई प्रमुख शहरों में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर की टेस्टिंग शुरू कर दी है।
यह भी देखें: 5 अप्रैल को छुट्टी तय, DM ने सभी स्कूल और ऑफिस बंद करने का दिया आदेश
इन शहरों में शुरू हुई BSNL की 5G टेस्टिंग
बीएसएनएल की 5G परीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत उन शहरों से की गई है, जहां कंपनी की पकड़ पहले से मजबूत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, भोपाल, कोलकाता, पटना, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में बीएसएनएल की ओर से 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इसके अलावा कानपुर, पुणे और विजयवाड़ा जैसे शहरों में भी नेटवर्क साइट्स सक्रिय की जा रही हैं।
बीएसएनएल की योजना है कि आगामी तीन महीनों के भीतर इन शहरों में 5G सेवाओं का रोलआउट कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, BSNL अपने नेटवर्क को इस तरह तैयार कर रहा है कि वह अन्य निजी कंपनियों जैसे जियो-Jio, एयरटेल-Airtel और वीआई-VI को 5G रेस में टक्कर दे सके।
4G टावरों का बड़े स्तर पर इंस्टॉलेशन
बीएसएनएल केवल 5G पर ही नहीं, बल्कि 4G नेटवर्क को भी बड़े पैमाने पर मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि जून 2025 तक देशभर में 1 लाख स्वदेशी 4G टावर लगाए जाएं। ये टावर इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इन्हें जरूरत पड़ने पर आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।
यह काम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया जा रहा है और इससे भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री को स्वदेशी तकनीक के जरिये आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी।
यह भी देखें: शिमला में महंगा हुआ पानी, टैरिफ बढ़ने से उपभोक्ता परेशान अब चुकाना होगा ज्यादा पैसा
18 साल बाद बीएसएनएल मुनाफे में, अब 6G की ओर कदम
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में जानकारी दी कि BSNL 18 वर्षों के बाद मुनाफे में लौटी है। यह सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता और कंपनी की कार्यनीति में आए बदलावों का परिणाम है। मंत्री ने यह भी बताया कि भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी खुद की टेलीकॉम तकनीक है।
उन्होंने आगे कहा कि अब सरकार की नजरें 6G टेक्नोलॉजी की ओर हैं और इस दिशा में शुरुआती काम भी शुरू किया जा चुका है।
कस्टमर सर्विस को लेकर नया अभियान
बीएसएनएल ने अप्रैल महीने को “कस्टमर सर्विस मंथ” घोषित किया है। इस पहल के तहत कंपनी ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। सोशल मीडिया पर बीएसएनएल ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें बताया गया है कि कंपनी जल्द ही कुछ “बड़े सरप्राइज” देने वाली है।
यह अभियान कंपनी की रीब्रांडिंग रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह अपने उपभोक्ताओं के साथ भरोसे का रिश्ता और मजबूत करना चाहती है।
यह भी देखें: Ambani का नया ऑफर, Google को चुनौती और यूजर्स को बड़ा फायदा
बीएसएनएल बन सकती है चौथी 5G सर्विस प्रोवाइडर
यदि BSNL का 5G रोलआउट सफलतापूर्वक होता है तो वह भारत की चौथी 5G टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर बन जाएगी। फिलहाल देश में Jio, Airtel और VI पहले ही अपनी 5G सेवाएं शुरू कर चुके हैं।
BSNL का यह कदम टेलिकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा और यूजर्स को बेहतर नेटवर्क विकल्प मिलेंगे। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां अभी तक 5G नेटवर्क पहुंच नहीं पाया है, वहां BSNL की पहुंच अधिक मजबूत है और इसका लाभ कंपनी को मिल सकता है।