
गोल्ड प्राइस-Gold Price में बीते कुछ दिनों से भारी उछाल देखा गया है। भारत के वायदा बाजार (Futures Market) और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड 91,400 रुपए के पार चला गया, जबकि दिल्ली में यह 94,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच गया। ऐसे में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या गोल्ड अब 1 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का स्तर छूने वाला है?
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लेकिन इसी बीच एक ऐसा अनुमान सामने आया है जिसने पूरी मार्केट को चौंका दिया है। अमेरिका स्थित रिसर्च फर्म मॉर्निंगस्टार (Morningstar) के ऐनालिस्ट का दावा है कि गोल्ड की कीमतें आने वाले वर्षों में 55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती हैं, जो वर्तमान पीक से लगभग 40% की गिरावट होगी।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गोल्ड, लेकिन डर भी गहरा
इस साल अब तक गोल्ड में करीब 20% की तेजी दर्ज की गई है। स्पॉट और वायदा दोनों ही बाजारों में गोल्ड ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन तेजी के इस दौर में अब मंदी की आशंका गहराने लगी है। कंज्यूमर डिमांड पर दबाव साफ दिख रहा है और कई संकेतक यह इशारा कर रहे हैं कि अब कीमतें गिर सकती हैं।
अमेरिका से आई भविष्यवाणी ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका की रिसर्च फर्म मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट जॉन मिल्स ने अनुमान जताया है कि गोल्ड की कीमतें ग्लोबल मार्केट में मौजूदा $3,080 प्रति औंस से गिरकर $1,820 तक आ सकती हैं। इस आधार पर भारत में इसका असर पड़ने से गोल्ड की कीमतें 55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ सकती हैं।
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गिरावट के संभावित कारण
बढ़ती सप्लाई
- 2024 की दूसरी तिमाही में गोल्ड माइनिंग प्रोफिट $950 प्रति औंस तक पहुंच गया है। ग्लोबल रिजर्व 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों ने सोने का उत्पादन बढ़ाया है। इसके साथ ही रीसाइक्लिंग गोल्ड की सप्लाई भी तेजी से बढ़ रही है।
कमजोर होती डिमांड
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार 71% केंद्रीय बैंक अपनी गोल्ड होल्डिंग को बनाए रखने या घटाने की योजना बना रहे हैं। साल 2023 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,045 टन सोना खरीदा था, लेकिन अब वही बैंक्स सतर्क नजर आ रहे हैं।
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मार्केट सैचुरेशन
- गोल्ड सेक्टर में मर्जर और अधिग्रहण की संख्या में 32% की बढ़ोतरी हुई है, जो यह दर्शाता है कि मार्केट अपने चरम पर है। गोल्ड ETF में तेजी भी पिछले करेक्शन से पहले देखे गए पैटर्न को दर्शाती है।
दूसरी ओर, कुछ संस्थाएं बनी हुई हैं आशावादी
मॉर्निंगस्टार के इस अनुमान के बावजूद दुनिया की कुछ नामी फाइनेंशियल संस्थाएं गोल्ड को लेकर आशावादी बनी हुई हैं। Bank of America का मानना है कि अगले दो सालों में गोल्ड 3,500 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। वहीं Goldman Sachs को साल के अंत तक 3,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर की उम्मीद है।
वायदा बाजार में उठापटक
गुरुवार को एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 91,423 रुपए के उच्चतम स्तर तक पहुंचीं, लेकिन फिर दोपहर तक 258 रुपए की गिरावट के साथ 90,470 रुपए पर कारोबार कर रही थीं। सुबह यह 91,230 रुपए पर खुला था जबकि पिछले दिन यह 90,728 रुपए पर बंद हुआ था।
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आने वाले समय में क्या है संकेत?
गोल्ड मार्केट में आने वाले कुछ महीने बेहद निर्णायक हो सकते हैं। अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी रहती है और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहते हैं, तो गोल्ड की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है। लेकिन अगर सप्लाई बढ़ती रही और डिमांड में ठहराव आया, तो गिरावट की आशंका प्रबल हो जाएगी।