
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकार ने छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके तहत व्यापारी हर यूपीआई (UPI) लेनदेन पर 0.15 फीसदी का इंसेंटिव प्राप्त कर सकेंगे। छोटे दुकानदारों के लिए यह स्कीम किसी सौगात से कम नहीं है। अब नुक्कड़ की चाय की दुकान से लेकर मोहल्ले की किराना दुकानों तक, हर व्यापारी को डिजिटल पेमेंट अपनाने पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
यह भी देखें: 8th Pay Commission: जनवरी 2026 से DA होगा शून्य, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले साल होंगी लागू
यूपीआई लेनदेन में छोटे व्यापारियों की भूमिका
यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन ने देश में डिजिटल पेमेंट को एक नई ऊंचाई दी है। खासतौर पर छोटे लेनदेन में इसकी भूमिका अहम है। रोजमर्रा की जरूरतों जैसे चाय, कॉफी, दूध, सब्जी, किराना और फास्ट फूड जैसी वस्तुओं के भुगतान में यूपीआई का बड़ा योगदान है। लेकिन छोटे व्यापारियों को इस सुविधा के लिए साउंड बॉक्स जैसी अतिरिक्त सेवाओं का भुगतान अलग से करना पड़ता था। इस वजह से कई छोटे दुकानदार यूपीआई को अपनाने में हिचकिचाते थे। सरकार की नई इंसेंटिव स्कीम ऐसे व्यापारियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
कैसे मिलेगा इंसेंटिव?
इस योजना के तहत छोटे व्यापारियों को हर यूपीआई (UPI) लेनदेन पर 0.15% का इंसेंटिव दिया जाएगा। यानी अगर कोई दुकानदार यूपीआई से 1000 रुपये का भुगतान प्राप्त करता है, तो उसे सरकार की तरफ से 1.5 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। हालांकि, इस स्कीम का उद्देश्य केवल छोटे व्यापारियों को बढ़ावा देना है, इसलिए बड़े व्यापारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
यह भी देखें: Sainik School में बंपर भर्ती! टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों के लिए सुनहरा मौका, तुरंत करें आवेदन
छोटे व्यापारियों के लिए क्यों जरूरी है यह स्कीम?
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा: इससे छोटे व्यापारी डिजिटल पेमेंट को अधिक अपनाएंगे और नकद लेनदेन पर निर्भरता घटेगी।
- अतिरिक्त कमाई का मौका: छोटे लेन-देन पर भी व्यापारियों को लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
- ग्राहकों की सुविधा: ग्राहक बिना नकदी के भी आसानी से भुगतान कर सकेंगे, जिससे उनके लिए खरीदारी करना आसान होगा।
- साउंड बॉक्स का खर्च कम: साउंड बॉक्स का अतिरिक्त खर्च वहन करना छोटे दुकानदारों के लिए मुश्किल था, लेकिन इस स्कीम के तहत उन्हें कुछ हद तक राहत मिलेगी।
यूपीआई (UPI) को लेकर सरकार की रणनीति
सरकार लगातार यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं ला रही है। इससे पहले भी सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए थे, जैसे कि:
- छोटे व्यापारियों के लिए बिना शुल्क यूपीआई पेमेंट की सुविधा।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए नए फीचर्स का समावेश।
- क्यूआर (QR) कोड आधारित भुगतान को प्रोत्साहित करना।
- ग्राहकों और व्यापारियों के लिए आकर्षक कैशबैक और ऑफर्स।
यह भी देखें: कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी! बोनस और अनुग्रह राशि का ऐलान, खाते में सीधे आएंगे इतने हजार रुपए
यूपीआई का भविष्य और व्यापारी हित
भारत में डिजिटल पेमेंट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और यूपीआई (UPI) इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। छोटे व्यापारियों के लिए इस तरह की स्कीमें उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेंगी। सरकार का यह कदम छोटे व्यापारियों के डिजिटल ट्रांजैक्शन में भागीदारी को बढ़ाने के साथ-साथ नकदी रहित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।