
केंद्र सरकार ने संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की जयंती पर 14 अप्रैल को पूरे देश में राजकीय अवकाश घोषित करने का फैसला किया है। इस निर्णय की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं द्वारा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम को ऐतिहासिक और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है।
यह भी देखें: PPF Interest Rate 2025: सरकार ने बढ़ाई PPF पर ब्याज दर! ₹500 में करें निवेश और पाएं शानदार रिटर्न – जानें नया रेट
अनुराग ठाकुर ने जताया प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर की जयंती पर अवकाश की घोषणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी दृष्टिकोण का प्रमाण है। ठाकुर ने लिखा, “संविधान के निर्माता व सामाजिक समानता के नायक बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर राजकीय अवकाश की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय बाबा साहब आंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धा व अनन्य सम्मान को दर्शाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला डॉ. आंबेडकर के विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक होगा।
यह भी देखें: Chanakya Niti 2025: ये 3 आदतें कर देती हैं इंसान को कंगाल, इसलिए नहीं टिकता पैसा – जानिए चाणक्य की सच्ची बात
केंद्रीय मंत्रालय की पुष्टि
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions) ने 14 अप्रैल को अवकाश की औपचारिक घोषणा करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि इस दिन देशभर में सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालय, केंद्र सरकार के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वायत्त निकाय, संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालय तथा केंद्र सरकार कल्याण समितियां बंद रहेंगी।
इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी इस संबंध में सूचित किया गया है। बैंकों के बंद रहने का निर्णय संबंधित राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिया जा सकता है।
यह भी देखें: UP Bijli Bill Hike: उत्तर प्रदेश में बिजली होगी और महंगी! नया टैरिफ लागू, जानिए कितना बढ़ेगा आपका Electricity Bill
गजेंद्र सिंह शेखावत की प्रतिक्रिया
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन समर्पण, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। यह राजकीय अवकाश उनके आदर्शों को मान्यता देने और देशवासियों को उनके योगदान की याद दिलाने का सशक्त माध्यम है।
सामाजिक न्याय और समरसता का प्रतीक है यह निर्णय
डॉ. आंबेडकर ने भारतीय संविधान को स्वरूप देने के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। ऐसे में उनकी जयंती पर राजकीय अवकाश की घोषणा सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और न्याय की दिशा में एक ठोस पहल है।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी डॉ. आंबेडकर की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने के लिए कई कार्यक्रमों और योजनाओं की शुरुआत कर चुके हैं, जिनमें डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन, पंचतीर्थ योजना, और दलित छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजनाएं शामिल हैं।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
राजकीय अवकाश की घोषणा को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से देखा जा रहा है। जहां एक ओर यह डॉ. आंबेडकर के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है, वहीं दूसरी ओर यह निर्णय उन सामाजिक वर्गों को भी जोड़ता है जो उनके विचारों को आत्मसात करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला 2024 के आम चुनावों के बाद सामाजिक समरसता को और मजबूत करने की दिशा में सरकार का सकारात्मक संकेत है।
भविष्य में बढ़ेगी जागरूकता
इस निर्णय के माध्यम से देशभर के नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं में डॉ. आंबेडकर के विचारों और योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शिक्षा संस्थानों में इस दिन विशेष व्याख्यान, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, जो डॉ. आंबेडकर की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक होंगे।