अब साल में दो बार होगी MP Board की 10वीं-12वीं परीक्षा! CBSE की तर्ज पर बड़ा बदलाव – जानें पूरी डिटेल

MP Board ने CBSE की तर्ज पर 2025 से 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं साल में दो बार कराने का फैसला किया है। अब फेल होने पर साल नहीं होगा बर्बाद! पूरक परीक्षा की जगह मिलेगी दूसरा मौका, अंक सुधार का भी मिलेगा अवसर। जानिए इस नई व्यवस्था के फायदे और सभी नियम।

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Written byRohit Kumar

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अब साल में दो बार होगी MP Board की 10वीं-12वीं परीक्षा! CBSE की तर्ज पर बड़ा बदलाव – जानें पूरी डिटेल
MP Board Update

MP Board Exam 2025 से जुड़े छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भी CBSE की तर्ज पर साल में दो बार 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा आयोजित करेगा। 21 मार्च 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू हो सकती है। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर अवसर देना और पूरक परीक्षा की प्रणाली को समाप्त करना है।

MP Board: दो बार मुख्य परीक्षा, पूरक परीक्षा की व्यवस्था होगी समाप्त

MP Board की इस नई योजना के तहत अब हर साल दो बार मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी जुलाई-अगस्त में आयोजित की जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जो छात्र पहली परीक्षा में असफल होंगे, उन्हें साल बर्बाद किए बिना कुछ ही महीनों में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिल जाएगा। इस प्रणाली के लागू होने से पूरक (Supplementary) परीक्षा की जरूरत नहीं रहेगी।

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छात्रों को मिलेगा अगली कक्षा में अस्थायी प्रवेश

राजपत्र (गजट) के अनुसार, यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में असफल होता है और वह दूसरी परीक्षा देने का इच्छुक है, तो वह तब तक अगली उच्चतर कक्षा में अस्थायी प्रवेश ले सकेगा जब तक कि द्वितीय परीक्षा का परिणाम न आ जाए। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और उन्हें समय का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

एक या अधिक विषयों में सुधार का अवसर

MP Board Exam 2025 के तहत यदि कोई छात्र प्रथम परीक्षा में पास हो जाता है, लेकिन अपने अंकों में सुधार (Marks Improvement) करना चाहता है, तो वह एक या अधिक विषयों में द्वितीय परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है।

इसके अलावा, अगर कोई छात्र प्रायोगिक विषय (Practical Subjects) में असफल होता है, तो वह केवल उसी हिस्से की पुनः परीक्षा दे सकता है जिसमें वह अनुत्तीर्ण रहा था। यह व्यवस्था छात्रों के लिए काफी उपयोगी होगी, खासकर उनके लिए जो उच्च शिक्षा में बेहतर अवसरों के लिए अंकों में सुधार करना चाहते हैं।

विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं

हालांकि, इस व्यवस्था में कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। छात्र द्वितीय परीक्षा में शामिल होते समय अपने पहले चुने गए विषयों में कोई परिवर्तन नहीं कर सकेंगे। इसका अर्थ है कि जो विषय पहली परीक्षा में चुने गए थे, उन्हीं विषयों में दूसरी परीक्षा दी जा सकती है।

द्वितीय परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए छात्र को निर्धारित शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन पत्र भरना अनिवार्य होगा।

MP Board का उद्देश्य – छात्रों पर कम दबाव, अधिक अवसर

MP Board Exam 2025 प्रणाली को CBSE की तर्ज पर लागू करने के पीछे बोर्ड का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर मानसिक दबाव को कम करना और उन्हें परीक्षा में दो अवसर देकर आत्मविश्वास बढ़ाना है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें छात्रों को लचीले और समावेशी परीक्षा विकल्प देने की बात कही गई है।

CBSE और MP Board की परीक्षा प्रणाली में सामंजस्य

CBSE-सीबीएसई पहले ही दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर कार्य कर चुका है, और अब MP Board भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इससे देशभर की बोर्ड परीक्षाओं में एकरूपता आएगी और छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ज्यादा तैयार हो पाएंगे।

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MP Board की यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

तैयारी में जुटे छात्र और स्कूल

इस बदलाव को देखते हुए स्कूलों ने अपनी शैक्षणिक योजना और समयसारणी को संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षकों को भी नए सिस्टम के अनुरूप प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है। छात्रों और अभिभावकों में इस बदलाव को लेकर उत्साह है, क्योंकि यह न सिर्फ परीक्षा के अवसर बढ़ाता है, बल्कि फेल होने पर एक और अवसर देकर उनका मनोबल भी बनाए रखता है।

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FAQs

प्रश्न 1: MP Board Exam 2025 से क्या नया बदलाव लागू होने जा रहा है?
MP Board अब CBSE की तर्ज पर साल में दो बार 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा आयोजित करेगा – पहली फरवरी-मार्च में और दूसरी जुलाई-अगस्त में।

प्रश्न 2: क्या पूरक परीक्षा अब नहीं होगी?
जी हां, अब पूरक परीक्षा की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। छात्र जो पहली परीक्षा में फेल होंगे, वे दूसरी मुख्य परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।

प्रश्न 3: क्या द्वितीय परीक्षा तक छात्र अगली कक्षा में प्रवेश ले सकते हैं?
हां, ऐसी स्थिति में छात्रों को अगली उच्चतर कक्षा में अस्थायी प्रवेश लेने की अनुमति दी जाएगी।

प्रश्न 4: क्या कोई छात्र अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकता है?
हां, जो छात्र प्रथम परीक्षा में पास हैं, वे एक या अधिक विषयों में अंकों में सुधार के लिए द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

प्रश्न 5: क्या विषय परिवर्तन की अनुमति होगी?
नहीं, द्वितीय परीक्षा के दौरान छात्र द्वारा पहले चुने गए विषयों में कोई परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

MP Board Exam 2025 में दो बार परीक्षा लेने की नई व्यवस्था छात्रों के लिए एक बड़ी राहत और नई दिशा है। यह कदम न केवल उनके करियर को नई गति देगा बल्कि शिक्षा प्रणाली को और अधिक लचीला तथा छात्र-केंद्रित बनाएगा। CBSE की तर्ज पर इस बदलाव से MP Board छात्रों को अब ज्यादा अवसर और कम दबाव का लाभ मिल सकेगा।

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