
राशन कार्ड को आधार से लिंक (Ration Card Aadhaar Link) कराने की समय सीमा अब बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब उपभोक्ता 30 जून 2025 तक अपने राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक करवा सकते हैं। इससे पहले यह समय सीमा 31 मार्च 2025 तक निर्धारित थी, लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा अभी तक ई-केवाईसी (Ration Card eKYC) पूरा नहीं किया गया है। इसी को देखते हुए सरकार ने इस समय सीमा को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है।
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राशन कार्ड से आधार लिंक करने की आवश्यकता क्यों?
राशन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करना और पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की पहुंच सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार के अनुसार, जब सभी राशन कार्ड धारकों के आधार नंबर को राशन प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा, तो इससे फर्जी राशन कार्ड (Fake Ration Card) की पहचान करना आसान हो जाएगा और सिर्फ वही परिवार लाभान्वित होंगे, जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
30 जून तक नहीं किया लिंक, तो हटेगा नाम
इस संबंध में सिवान जिले की जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने स्पष्ट किया है कि यदि राशन कार्ड में शामिल किसी भी सदस्य की आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) 30 जून 2025 तक पूरी नहीं की जाती है, तो ऐसे सदस्यों का नाम राशन कार्ड से विलोपित कर दिया जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि उस सदस्य के हिस्से का राशन परिवार को नहीं मिलेगा।
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कहां और कैसे कराएं आधार से लिंक?
लाभार्थी अपने नजदीकी लक्षित जन वितरण प्रणाली (Targeted PDS) की दुकान या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने आधार कार्ड और राशन कार्ड की मूल प्रति ले जानी होगी। वहां पर मौजूद ई-पाश (e-PoS) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत आधार और राशन कार्ड को लिंक कर दिया जाएगा।
सरकार का कदम: पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में
सरकार का यह कदम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे एक ओर जहां अनुचित लाभ उठाने वाले फर्जी लाभार्थियों को बाहर किया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर वास्तविक और जरूरतमंद लोगों तक सब्सिडी युक्त राशन पहुंचाना आसान होगा। यह पूरे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) को अधिक पारदर्शी और दक्ष बनाने की दिशा में बड़ी पहल है।
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अब तक कितनी प्रगति?
हालांकि राज्य और जिला प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार अभियान चलाकर ई-केवाईसी (eKYC) करवाया गया है, फिर भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि जागरूकता की अभी भी आवश्यकता है। समय सीमा बढ़ाने का मकसद इन्हीं पीछे रह गए लाभार्थियों को एक और मौका देना है।
क्यों जरूरी है आधार लिंकिंग?
राशन कार्ड को आधार से लिंक करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से:
- लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सकती है।
- डुप्लिकेट और फर्जी राशन कार्ड की पहचान की जा सकती है।
- सरकारी अनाज और सब्सिडी का दुरुपयोग रोका जा सकता है।
- डिजिटलीकरण और ट्रैकिंग की सुविधा बढ़ाई जा सकती है।
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आधार लिंक न कराने पर क्या होगा?
यदि कोई व्यक्ति या परिवार 30 जून तक अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करता है, तो उस कार्ड पर अंकित सदस्य का नाम हटा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि ऐसे सदस्यों को सरकारी अनाज या सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि प्रणाली में अनुशासन बना रहे।
क्या यह प्रक्रिया नि:शुल्क है?
हां, जिला आपूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क (Free Service) है और इसके लिए किसी भी विक्रेता या ऑपरेटर को कोई शुल्क नहीं देना है। यदि कोई शुल्क मांगता है तो उसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन या खाद्य आपूर्ति विभाग को की जा सकती है।