
बिहार में राशन कार्ड (Ration Card) से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए संकट गहराता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ई-केवाईसी (e-KYC) की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी है, और अब तक एक करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों ने यह अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार के अनुसार जिन उपभोक्ताओं ने अब तक अपने कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया है, उनके राशन कार्ड रद्द हो सकते हैं और वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हो सकते हैं।
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बिना ई-केवाईसी के अब नहीं मिलेगा राशन कार्ड का लाभ
सरकार ने साफ शब्दों में कह दिया है कि ई-केवाईसी कराने की समय सीमा बार-बार बढ़ाई जा चुकी है, और अब आगे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा। 1 अप्रैल 2025 से जिन उपभोक्ताओं ने अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया है, उनके नाम राशन सूची से हटा दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि वे अब राशन की दुकान (PDS) से अनाज नहीं ले सकेंगे।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया और तकनीकी चुनौती
शुरुआत में ई-केवाईसी की सुविधा राशन दुकानों पर पीओएस (POS) मशीनों के माध्यम से दी गई थी। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों और कई क्षेत्रों में इंटरनेट की अनुपलब्धता के कारण यह प्रक्रिया बाधित हुई। इसके बाद सरकार ने फेशियल ई-केवाईसी (Facial e-KYC) की सुविधा भी शुरू की, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकें। बावजूद इसके, अब तक 1.5 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारक इस प्रक्रिया से अछूते हैं।
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राशन कार्ड सेवाओं में क्यों जरूरी है आधार लिंकिंग?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सस्ते दरों पर खाद्यान्न मुहैया कराया जाता है। लेकिन बार-बार सामने आए फर्ज़ी राशन कार्ड (Fake Ration Cards) और डुप्लिकेट लाभार्थियों के कारण सरकार ने ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है। इससे लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो वास्तव में पात्र हैं और सिस्टम में दर्ज हैं। आधार से लिंकिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
लोगों की उदासीनता बनी सरकार के लिए चुनौती
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है कि बार-बार मीडिया, एसएमएस, पंचायत स्तर पर प्रचार और दुकानदारों के जरिए लोगों को ई-केवाईसी कराने का आग्रह किया गया, लेकिन फिर भी लाखों लोग अब तक लापरवाह बने रहे। विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया को नजरअंदाज करने वालों को अब सेवाओं से वंचित रहना पड़ेगा।
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समय सीमा का अब नहीं होगा विस्तार
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की समय सीमा पहले ही कई बार बढ़ाई जा चुकी है। अंतिम तिथि 31 मार्च को समाप्त होने के बाद अब आगे कोई मोहलत नहीं दी जाएगी। विभाग का कहना है कि सरकार की मंशा किसी को राशन से वंचित करने की नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ पात्र लोग ही लाभ उठाएं और सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे।
भविष्य में राशन कार्ड सेवा से वंचित होने वाले क्या कर सकते हैं?
जिन लोगों के राशन कार्ड अब निष्क्रिय हो जाएंगे, उन्हें दोबारा आवेदन (Re-apply) करने की जरूरत होगी। इसके लिए उन्हें अपना आधार, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज के साथ ब्लॉक या प्रखंड कार्यालय में आवेदन करना होगा। प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली हो सकती है, इसलिए विभाग पहले ही सभी से समय रहते ई-केवाईसी पूरा करने का आग्रह कर रहा था।
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निष्कर्ष: लाभ उठाना है तो ई-केवाईसी जरूरी
सरकार द्वारा बार-बार चेतावनी और सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद 1.5 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारकों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। अब ये लोग सरकारी अनाज योजना से वंचित हो सकते हैं। यदि आप भी बिहार के राशन कार्डधारी हैं और अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो जल्द से जल्द संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।