
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ₹10 और ₹500 के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा ने लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि नए नोटों के जारी होने के बावजूद पहले से चलन में मौजूद ₹10 और ₹500 के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में RBI ने गवर्नर मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले ₹100 और ₹200 के नए नोट पेश किए हैं। इस खबर ने बाजार और आम जनता में काफी चर्चा पैदा कर दी है।
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RBI की ओर से ₹10 और ₹500 के नए नोटों की घोषणा का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाना है। पुराने नोट पूरी तरह से मान्य हैं और उन्हें चलन से बाहर नहीं किया जा रहा है। साथ ही, ₹100 और ₹200 के नए नोटों की शुरुआत से यह संकेत मिलता है कि RBI मुद्रा को अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
नए ₹10 और ₹500 के नोटों में होंगे कुछ बदलाव
RBI ने यह स्पष्ट किया है कि नए नोटों की छपाई में डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स में कुछ सुधार किए जाएंगे ताकि नकली नोटों की पहचान आसान हो सके और उनका प्रसार रोका जा सके। ₹500 के नए नोटों में विशेष रूप से माइक्रो-प्रिंटिंग, सिक्योरिटी थ्रेड, वॉटरमार्क और कलर शिफ्टिंग इंक जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है।
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वहीं, ₹10 के नोटों को भी नया रूप देने की तैयारी है, जिसमें रंग और डिजाइन में कुछ बदलाव होंगे। हालांकि इन बदलावों का उद्देश्य सिर्फ नोटों को अधिक सुरक्षित बनाना है, इनका मूल्य या वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पुराने नोट वैध बने रहेंगे, घबराने की जरूरत नहीं
आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है कि नए नोटों के आने के बावजूद पहले से चलन में मौजूद सभी ₹10 और ₹500 के नोट पूरी तरह से वैध मुद्रा (Legal Tender) रहेंगे। आम जनता को पुराने नोटों के बदले जाने या किसी अन्य प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। सभी बैंक और वित्तीय संस्थान पुराने नोटों को स्वीकार करते रहेंगे।
₹100 और ₹200 के नए नोटों की भी हुई थी घोषणा
बीते महीने रिजर्व बैंक ने ₹100 और ₹200 के नए नोट जारी करने की घोषणा की थी, जिन पर नए गवर्नर मल्होत्रा के हस्ताक्षर हैं। इन नए नोटों में भी बेहतर सुरक्षा फीचर्स और नया डिजाइन शामिल किया गया है। इन नोटों को धीरे-धीरे बाजार में उतारा जा रहा है और इनका मुख्य उद्देश्य नकली नोटों की समस्या को कम करना है।
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क्यों जारी किए जा रहे हैं नए नोट?
RBI द्वारा समय-समय पर नए नोटों को जारी करने का उद्देश्य न केवल मुद्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है, बल्कि नकली नोटों पर भी लगाम लगाना है। इसके साथ ही, इन नोटों में दृष्टिबाधित लोगों के लिए भी सुविधाएं जोड़ी जाती हैं ताकि वे आसानी से नोटों की पहचान कर सकें।
RBI का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमित है और इसका अर्थ यह नहीं है कि पुराने नोट बंद किए जा रहे हैं। इसका सीधा उद्देश्य मुद्रा प्रणाली को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है।
क्या आम जनता को कुछ करने की जरूरत है?
इस घोषणा के बाद यह सवाल आम हो गया है कि क्या लोगों को अपने पुराने ₹10 और ₹500 के नोट बदलवाने होंगे। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। पुराने नोट पहले की तरह वैध रहेंगे और बैंक, दुकानदार, एटीएम आदि सभी स्थानों पर स्वीकार किए जाते रहेंगे।
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डिजिटल पेमेंट को भी मिल रहा है बढ़ावा
इन सुधारों के साथ-साथ RBI डिजिटल पेमेंट सिस्टम को भी मजबूत बना रहा है। UPI, नेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे नकदी पर निर्भरता कम हो सके। हालांकि नकद लेन-देन अब भी भारतीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है, लेकिन नए नोटों और डिजिटल सिस्टम के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश जारी है।