पहले कर रहे थे आलोचना, अब भारत की तारीफ कर रहे हैं ChatGPT के CEO – जानें क्या बदला अचानक

कभी भारत की AI क्षमता पर सवाल उठाने वाले Sam Altman अब कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया को पीछे छोड़ रहा है। अचानक बदले सुर, ट्विटर पर तारीफों की झड़ी और भारतीय टैलेंट को लेकर उड़ते कसीदे—क्या है इस बदलाव की असली वजह? पढ़ें पूरी रिपोर्ट और जानिए पूरी कहानी

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Written byRohit Kumar

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पहले कर रहे थे आलोचना, अब भारत की तारीफ कर रहे हैं ChatGPT के CEO – जानें क्या बदला अचानक
पहले कर रहे थे आलोचना, अब भारत की तारीफ कर रहे हैं ChatGPT के CEO – जानें क्या बदला अचानक

ChatGPT के CEO Sam Altman ने भारत में AI (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल और इससे जुड़ी क्रिएटिविटी (Creativity) की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि भारत आज उस स्तर पर पहुंच चुका है जहां वह पूरी दुनिया को पीछे छोड़ रहा है। यह वही Sam Altman हैं जिन्होंने कुछ समय पहले भारत की तकनीकी क्षमताओं और AI को लेकर आलोचना की थी। अब उनके सुर बदल गए हैं और वे भारतीय नवाचारों और तकनीकी प्रगति की सराहना कर रहे हैं।

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अचानक भारत को लेकर बदल गए Sam Altman के सुर

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2 अप्रैल 2025 को Sam Altman ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए भारत की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि भारत में AI को लेकर जो क्रिएटिविटी देखी जा रही है, वह अभूतपूर्व है। भारतीय डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स जिस तेजी से AI टूल्स को अपनाकर नए समाधान तैयार कर रहे हैं, वह दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है।

Altman ने यह भी कहा कि भारत जिस स्तर पर AI को अपनाकर काम कर रहा है, वह बाकी दुनिया के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावशाली और प्रेरणादायक है।

पहले की थी भारत की आलोचना

यह तारीफ इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि कुछ महीने पहले Sam Altman ने भारत को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भारत जैसे देशों के लिए cutting-edge AI तकनीक बनाना बेहद कठिन होगा और इसमें निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी एक बड़ी बाधा है।

उनकी यह टिप्पणी भारतीय टेक कम्युनिटी को नागवार गुजरी थी। कई तकनीकी विशेषज्ञों और उद्यमियों ने उस समय Altman की सोच को “पुरानी और संकीर्ण” बताया था।

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भारत में AI का तेजी से बढ़ता दखल

भारत में पिछले कुछ वर्षों में AI सेक्टर ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। EdTech, HealthTech, FinTech और AgriTech जैसे क्षेत्रों में AI के जरिए नए-नए समाधान तैयार किए जा रहे हैं। सरकार भी AI को बढ़ावा देने के लिए Digital India Mission, Startup India और अन्य योजनाओं के माध्यम से इनोवेशन को सपोर्ट कर रही है।

स्टार्टअप्स से लेकर बड़ी IT कंपनियां तक, हर कोई AI और Machine Learning (ML) पर काम कर रहा है। ChatGPT, Gemini, Claude जैसे टूल्स के लोकलाइज्ड वर्जन बन रहे हैं, जो हिंदी, तमिल, बंगाली जैसे भाषाओं में भी काम कर रहे हैं।

क्या है Sam Altman की बदली राय के पीछे वजह?

Sam Altman के सुरों में यह बदलाव केवल तारीफ तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीतिक रूप से भारतीय बाजार को साधने की कोशिश है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस और युवा आबादी वाला देश है।

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AI जैसे उभरते सेक्टर में भारत की मौजूदगी और यहां की डिजिटल क्रांति किसी भी टेक कंपनी के लिए अनदेखी नहीं की जा सकती। Microsoft, Google, OpenAI जैसी कंपनियां भारत में निवेश और साझेदारी बढ़ा रही हैं। ऐसे में Altman की यह तारीफ एक बिजनेस मूव भी मानी जा रही है।

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भारत के डेवलपर्स की प्रतिभा की हुई पहचान

Sam Altman की पोस्ट में खासतौर पर भारतीय डेवलपर्स की तारीफ की गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय टैलेंट AI के क्षेत्र में ग्लोबल इनोवेशन को नई दिशा दे रहा है।

हाल ही में भारत में कई ऐसे AI प्रोजेक्ट्स सामने आए हैं, जो रूरल हेल्थ, फार्मिंग और लोकल भाषाओं को टेक से जोड़ने के प्रयासों में लगे हैं। AI का लोकलाइजेशन और इनोवेशन अब भारत की पहचान बनता जा रहा है।

भारत को चाहिए अपने इनोवेशन का नेतृत्व

AI को लेकर भारत की प्रगति सराहनीय है लेकिन इसके साथ-साथ जरूरी है कि देश अपने इनोवेशन का वैश्विक नेतृत्व खुद संभाले। विदेश से मिलने वाली तारीफ उत्साह बढ़ाती है, लेकिन असली काम स्थानीय समस्याओं के लिए समाधान तैयार करना है।

भारत को न सिर्फ टेक्नोलॉजी के मामले में बल्कि Ethical AI, Data Privacy, और Sustainability जैसे मुद्दों पर भी अग्रणी भूमिका निभानी होगी।

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क्या Sam Altman का रुख सिर्फ प्रशंसा तक सीमित रहेगा?

Sam Altman की बदली हुई सोच भारत की बदलती तकनीकी पहचान को दर्शाती है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ कूटनीतिक कदम है या वाकई में भारत को लेकर उनकी राय में बड़ा बदलाव आया है?

भविष्य में OpenAI जैसी कंपनियां भारत में अपनी सेवाएं विस्तार करती हैं या यहां के स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करती हैं, तब जाकर यह तय हो पाएगा कि यह तारीफ सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित थी या इसका कोई ठोस आधार भी है।

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