
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India – NHAI) ने देशभर में संचालित हाइवे और एक्सप्रेसवे पर टोल दरों (Toll Tax) में औसतन 4 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह वृद्धि 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है और इसका मकसद बढ़ती महंगाई के बीच लागत को संतुलित करना और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता को बनाए रखना है। यह समायोजन एनएचएआई की वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया के तहत किया गया है, जो थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित होती है।
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एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस अतिरिक्त आय से हाइवे के रखरखाव और विस्तार परियोजनाओं में मदद मिलेगी। वर्तमान में भारत के नेशनल हाइवे नेटवर्क पर कुल 855 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकार द्वारा फंड किए गए हैं और 180 से अधिक टोल प्लाजा निजी ऑपरेटरों के अधीन हैं।
Delhi-Meerut Expressway पर कितना बढ़ा टोल टैक्स
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब थोड़ा अधिक खर्च करना होगा। एनएचएआई के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, सराय काले खां से मेरठ तक कार और जीप से यात्रा करने पर एक तरफ का टोल अब 165 रुपये से बढ़कर 170 रुपये हो गया है। वहीं, गाजियाबाद से मेरठ तक कार से जाने वालों को 70 रुपये की बजाय अब 75 रुपये देने होंगे।
इस मार्ग पर हल्के वाणिज्यिक वाहनों और बसों को प्रति ट्रिप 275 रुपये चुकाने होंगे, जबकि ट्रकों के लिए यह राशि 580 रुपये हो गई है। एनएच-9 पर स्थित छिजारसी टोल प्लाजा पर भी दरें बढ़ी हैं—कारों के लिए टोल अब 170 से बढ़कर 175 रुपये, हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए 280 रुपये और ट्रकों व बसों के लिए 590 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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Delhi-Jaipur Highway पर टोल टैक्स में आंशिक वृद्धि
दिल्ली-जयपुर हाईवे (Delhi-Jaipur Highway) पर स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा पर निजी कारों और जीपों के लिए टोल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, बड़े वाणिज्यिक वाहनों के लिए प्रति ट्रिप 5 रुपये की वृद्धि की गई है।
कारों के लिए मासिक पास की दर 930 रुपये से बढ़ाकर 950 रुपये कर दी गई है, जबकि वाणिज्यिक जीपों और कारों के मासिक पास की कीमत 1225 रुपये से बढ़ाकर 1255 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, हल्के मोटर वाहनों और मिनी बसों के लिए एक तरफ का टोल अब 120 रुपये के बजाय 125 रुपये देना होगा।
अन्य प्रमुख हाइवे पर बढ़े टोल टैक्स
लखनऊ से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों—जैसे कि कानपुर, अयोध्या, रायबरेली और बाराबंकी को जोड़ने वाले हाइवे—पर भी टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। इन मार्गों पर हल्के वाहनों को 5 से 10 रुपये प्रति चक्कर अतिरिक्त देना होगा, जबकि भारी वाहनों को 20 से 25 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
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कारों के मासिक पास की कीमत अब 930 रुपये से बढ़कर 950 रुपये हो गई है। वहीं, कैब और वाणिज्यिक वाहनों के लिए मासिक पास की कीमत 1225 रुपये से बढ़कर 1255 रुपये हो गई है। हल्के मोटर वाहनों और मिनी बसों के लिए भी एक तरफ का टोल अब 125 रुपये कर दिया गया है।
टोल दरों में बढ़ोतरी की वजह क्या है?
एनएचएआई के मुताबिक, टोल टैक्स में की गई यह वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को ध्यान में रखकर की गई है। हर साल अप्रैल में एनएचएआई एक वार्षिक समीक्षा करती है, जिसमें पिछले वर्ष की महंगाई दर के आधार पर टोल दरों को संशोधित किया जाता है। इस वृद्धि से जुटाई गई अतिरिक्त राशि का उपयोग हाइवे के रखरखाव, चौड़ीकरण और नए प्रोजेक्ट्स के निर्माण में किया जाएगा।
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हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बल
एनएचएआई की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ आमदनी बढ़ाना नहीं, बल्कि देश के तेजी से बढ़ते रोड नेटवर्क को बेहतर बनाए रखना भी है। बढ़ती महंगाई और निर्माण लागत के मद्देनजर यह जरूरी हो गया था कि टोल दरों को यथासमय संशोधित किया जाए, ताकि सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर (Road Infrastructure) का विकास बिना रुकावट के चलता रहे।