
हर साल लाखों छात्र नीट NEET का फॉर्म भरते हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले पाते हैं। कई बार मेहनत के बावजूद छात्र नीट क्वालीफाई नहीं कर पाते और उनका सपना अधूरा रह जाता है। हालांकि, अगर आप मेडिकल फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। नीट NEET के बिना भी मेडिकल क्षेत्र में कई ऐसे करियर ऑप्शन मौजूद हैं, जिनमें न सिर्फ अच्छी सैलरी मिलती है, बल्कि एक स्थिर और सम्मानजनक करियर भी बन सकता है।
नीचे ऐसे ही कुछ करियर विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई है जो NEET के बिना भी उपलब्ध हैं और जिनमें आप दमदार सैलरी के साथ अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
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बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) – हेल्थकेयर का रीढ़
नर्सिंग को हेल्थकेयर सिस्टम का अहम हिस्सा माना जाता है। एक नर्स न केवल डॉक्टर की असिस्टेंट होती है, बल्कि मरीजों की देखभाल, दवाइयों का प्रबंधन, सर्जरी में सहायता और वाइटल्स की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालती है।
B.Sc Nursing कोर्स में प्रवेश लेने के लिए NEET की आवश्यकता नहीं होती। यह चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है, जिसे पूरा करने के बाद छात्र हॉस्पिटल, क्लिनिक, रिहैबिलिटेशन सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज और प्राइवेट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन में काम कर सकते हैं।
इस क्षेत्र में शुरुआती सैलरी ₹2.5 लाख से ₹6 लाख सालाना तक होती है, और अनुभव बढ़ने के साथ यह ₹10 लाख या उससे अधिक भी हो सकती है।
बीएससी बायोटेक्नॉलाजी (B.Sc Biotechnology) – विज्ञान और इनोवेशन का संगम
B.Sc Biotechnology एक ऐसा कोर्स है जो बायोलॉजिकल साइंस और टेक्नोलॉजी का बेहतरीन मिश्रण पेश करता है। इस फील्ड में छात्रों को फार्मास्यूटिकल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे इनोवेटिव क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलता है।
यह कोर्स उन छात्रों के लिए आदर्श है जो रिसर्च, इनोवेशन और हेल्थ साइंस में रुचि रखते हैं। B.Sc Biotechnology करने के बाद आप बायोटेक कंपनियों, रिसर्च लैब्स, हेल्थकेयर कंपनियों, एग्रीकल्चर इंडस्ट्री और एजुकेशन फील्ड में काम कर सकते हैं।
शुरुआती सैलरी ₹2.5 लाख से ₹5 लाख सालाना होती है, लेकिन अनुभव के साथ यह सैलरी ₹15 लाख तक भी जा सकती है।
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साइकोलॉजिस्ट (Psychologist) – मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में बढ़ता कदम
आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता काफी बढ़ गई है। ऐसे में मनोवैज्ञानिक या साइकोलॉजिस्ट की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। इस फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल डिप्रेशन, एंग्जायटी और अन्य मानसिक समस्याओं का समाधान करते हैं।
साइकोलॉजी में करियर बनाने के लिए आप B.A. या B.Sc in Psychology कर सकते हैं और इसके बाद M.A./M.Sc और फिर M.Phil या Ph.D. जैसे एडवांस कोर्स करके क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट या काउंसलर बन सकते हैं।
साइकोलॉजिस्ट स्कूल, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, कॉर्पोरेट कंपनियों, हॉस्पिटल और अपने क्लिनिक में काम कर सकते हैं। इस प्रोफेशन में शुरुआती सैलरी ₹3 लाख से ₹6 लाख होती है और अनुभवी साइकोलॉजिस्ट ₹15 लाख प्रति वर्ष तक कमा सकते हैं।
बी.फार्मा (B.Pharm) – दवा और हेल्थकेयर इंडस्ट्री का अहम हिस्सा
- B.Pharm यानी Bachelor of Pharmacy भी मेडिकल फील्ड का एक लोकप्रिय कोर्स है, जिसे करने के लिए NEET अनिवार्य नहीं होता। फार्मासिस्ट डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं को मरीज तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सही इस्तेमाल की जानकारी भी देते हैं।
- B.Pharm करने के बाद आप दवा कंपनियों, मेडिकल स्टोर्स, हॉस्पिटल, रिसर्च सेंटर और सरकारी स्वास्थ्य विभाग में काम कर सकते हैं।
- इस प्रोफेशन में शुरुआत में ₹2.5 लाख से ₹4 लाख सालाना तक की सैलरी मिलती है। अनुभव के साथ यह रकम तेजी से बढ़ सकती है।
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NEET के बिना भी मेडिकल फील्ड में है उज्ज्वल भविष्य
नीट NEET क्वालीफाई नहीं कर पाने का मतलब यह नहीं कि मेडिकल फील्ड में कोई रास्ता नहीं बचा। ऊपर बताए गए सभी करियर विकल्प न केवल सम्मानजनक हैं, बल्कि इनमें ग्रोथ और सैलरी दोनों की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, इनमें काम करने का सैटिस्फैक्शन भी काफी होता है, क्योंकि ये प्रोफेशन सीधे तौर पर लोगों की हेल्थ और लाइफ से जुड़े होते हैं।
अगर आप मेडिकल फील्ड के प्रति समर्पित हैं, तो इन विकल्पों को गंभीरता से विचार कर सकते हैं और अपना उज्ज्वल करियर बना सकते हैं।