
उत्तर प्रदेश के संभल (Sambhal) जिले में आगामी ईद के त्यौहार को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार ईद (Eid) की नमाज को लेकर प्रशासन ने दो अहम निर्देश जारी किए हैं, जिसमें सड़कों और छतों पर नमाज पढ़ने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। इसके साथ ही लाउडस्पीकर (Loudspeaker) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की घोषणा की गई है।
यह भी देखें: Eid 2025: भारत में कब है ईद-उल-फितर? चांद दिखने की तारीख, कब मनाई जाएगी ईद देखें
सड़कों पर नहीं होगी ईद की नमाज, मस्जिद परिसर में ही अदा करने के निर्देश
संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने स्पष्ट किया कि इस बार ईद की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों के परिसर में ही अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी सड़क या छत पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से यह निर्णय शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
कोतवाली परिसर में आयोजित पीस कमेटी (Peace Committee) की बैठक में यह जानकारी सभी समुदायों को दे दी गई। बैठक में सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल हुए और सभी ने आपसी सहमति से प्रशासन के दिशा-निर्देशों को स्वीकार किया।
यह भी देखें: आधार कार्ड में ‘सेकंडरी मोबाइल नंबर’ कैसे जोड़ें? जानिए इसका तरीका और जबरदस्त फायदे
परंपरागत रूप से होगी नमाज, सुविधाओं का रहेगा ध्यान
एएसपी श्रीशचंद्र ने यह भी कहा कि नमाज पारंपरिक ढंग से ही अदा की जाएगी, और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी धर्मों के त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होंगे।
लाउडस्पीकर पर भी रोक, एसडीएम वंदना मिश्रा का बयान
इस संबंध में एसडीएम वंदना मिश्रा ने भी बयान जारी किया और लोगों से ईद और नवरात्रि जैसे त्यौहारों को आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि चबूतरों, सड़कों या छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लाउडस्पीकर की इजाजत भी इस बार नहीं दी गई है।
यह भी देखें: क्या है आधार की ‘बायोमेट्रिक लॉकिंग’ सुविधा? जानिए कैसे करें एक्टिवेट और क्यों है ये जरूरी!
मेरठ में भी सख्ती, सड़क पर नमाज पढ़ने पर पासपोर्ट और लाइसेंस जब्ती की चेतावनी
संभल के साथ-साथ मेरठ (Meerut) जिले में भी ईद की नमाज को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। मेरठ के एसपी सिटी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने सड़कों पर नमाज पढ़ी, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, संबंधित व्यक्ति का पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त किया जा सकता है।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए CCTV, ड्रोन और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। पिछले साल मेरठ में सड़कों पर नमाज पढ़ने के मामले में लगभग 200 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
यह भी देखें: रेलवे की कमाल की स्कीम! 10 रुपये की टिकट से मिल सकते हैं ₹10,000 – जानिए कैसे
समाजवादी पार्टी (सपा) ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए “मुसलमान सुरक्षित हैं” वाले बयान पर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने सवाल उठाए हैं। सपा का कहना है कि जब मुसलमान अपने त्यौहार भी नहीं मना पा रहे, तो सुरक्षा का दावा कैसे किया जा सकता है। सपा नेताओं का आरोप है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने जैसा है।
पुलिस की अपील: कानून व्यवस्था का पालन करें
पुलिस प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सड़कों या छतों पर नमाज न पढ़ें और निर्धारित स्थानों पर ही पारंपरिक रूप से नमाज अदा करें। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी देखें: सिर्फ 10 मिनट में बनाएं मखाने से टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स – बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सब कहेंगे वाह!
ईद जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार को लेकर प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य शांति और सौहार्द बनाए रखना है। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, यदि नियमों का पालन किया गया तो सभी त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा सकेंगे।